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    हमारी विरासत एवं इतिहास

    शौर्य, सेवा और शिक्षा की गौरवशाली विरासत

    पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय नसीराबाद का इतिहास द ग्रेनेडियर्स रेजिमेंट की गौरवशाली परंपरा, शौर्य, सेवा और बलिदान से गहराई से जुड़ा हुआ है। विद्यालय की यह ऐतिहासिक विरासत आज भी विद्यार्थियों को राष्ट्रसेवा, अनुशासन और उत्कृष्टता के लिए प्रेरित करती है।

    विद्यालय की स्थापना केंद्रीय विद्यालय संगठन, नई दिल्ली द्वारा 20 सितंबर 1971 को की गई थी। उस समय विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य श्री जे. के. शर्मा थे तथा कर्नल शिवजी सिंह, कमांडेंट, द ग्रेनेडियर्स रेजिमेंटल सेंटर, विद्यालय के अध्यक्ष थे। विद्यालय का प्रारंभिक संचालन 21 बी.आई. लाइन्स के परिसर से हुआ।

    वर्तमान विद्यालय भवन का इतिहास इससे भी पुराना और अत्यंत गौरवशाली है। यह भवन मूल रूप से द ग्रेनेडियर्स मेमोरियल हॉस्टल के रूप में निर्मित किया गया था। इसका निर्माण द्वितीय विश्व युद्ध के वीर योद्धाओं की स्मृति में, रेजिमेंट के सभी रैंकों के अधिकारियों एवं कार्मिकों के योगदान से किया गया था।

    मेमोरियल हॉस्टल की आधारशिला 10 दिसंबर 1958 को लेफ्टिनेंट जनरल एस. डी. वर्मा, कर्नल ऑफ द ग्रेनेडियर्स द्वारा रखी गई। भवन का निर्माण 16 सितंबर 1959 को प्रारंभ हुआ और 21 नवंबर 1960 को पूरा हुआ। इसका औपचारिक उद्घाटन 10 दिसंबर 1960 को Egypt Day के अवसर पर लेफ्टिनेंट जनरल एस. डी. वर्मा, कर्नल ऑफ द ग्रेनेडियर्स द्वारा किया गया।

    द ग्रेनेडियर्स रेजिमेंट को मेमोरियल हॉस्टल की अवधारणा को लागू करने वाली प्रथम रेजिमेंट होने का गौरव प्राप्त है। यह भवन आज भी उन वीर सैनिकों के साहस और बलिदान की अमिट स्मृति का प्रतीक है, जिनके सम्मान में इसका निर्माण किया गया था।

    1974–75 में द ग्रेनेडियर्स रेजिमेंटल सेंटर के जबलपुर स्थानांतरित होने के बाद विद्यालय का विस्तार वर्तमान परिसर में हुआ। शैक्षणिक सत्र 1983–84 में कक्षा VI से X तक की कक्षाएँ वर्तमान भवन में स्थानांतरित की गईं। इसके पश्चात विद्यालय को एक पूर्ण विकसित केंद्रीय विद्यालय के रूप में विकसित करने के लिए अतिरिक्त भवन विस्तार स्वीकृत किए गए तथा शेष कक्षाओं को भी वर्तमान परिसर में स्थानांतरित कर दिया गया।

    विद्यालय और द ग्रेनेडियर्स रेजिमेंट के इस ऐतिहासिक संबंध को जीवंत बनाए रखने के उद्देश्य से लेफ्टिनेंट जनरल रिस्खलोन, PVSM, UYSM, AVSM, कर्नल ऑफ द ग्रेनेडियर्स द्वारा 28 जुलाई 1996 को नसीराबाद छावनी के अपने दौरे के दौरान विद्यालय भवन के इतिहास को दर्शाने वाले दो स्मृति-शिलाखंड विद्यालय को भेंट किए गए।

    आज पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय नसीराबाद इस समृद्ध विरासत को गर्व के साथ आगे बढ़ा रहा है। ऐतिहासिक परिसर स्मृति, अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रसेवा का प्रतीक बनकर विद्यार्थियों की अनेक पीढ़ियों को प्रेरित कर रहा है।

    एक विरासत, जो पीढ़ियों को प्रेरित करती है

    युद्धवीरों की स्मृति में निर्मित एक मेमोरियल हॉस्टल से लेकर आधुनिक शिक्षा के केंद्र के रूप में विकसित केंद्रीय विद्यालय तक, पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय नसीराबाद की यात्रा विरासत, सेवा और शैक्षिक उत्कृष्टता के अद्वितीय संगम को दर्शाती है।


    प्रमुख ऐतिहासिक पड़ाव

    वर्ष प्रमुख घटना
    1958 द ग्रेनेडियर्स मेमोरियल हॉस्टल की आधारशिला रखी गई
    1959 मेमोरियल हॉस्टल का निर्माण प्रारंभ हुआ
    1960 भवन का निर्माण पूर्ण हुआ एवं औपचारिक उद्घाटन किया गया
    1971 केंद्रीय विद्यालय नसीराबाद की स्थापना हुई
    1974–75 द ग्रेनेडियर्स रेजिमेंटल सेंटर जबलपुर स्थानांतरित हुआ
    1983–84 कक्षा VI से X तक की कक्षाएँ वर्तमान भवन में स्थानांतरित हुईं
    1996 द ग्रेनेडियर्स रेजिमेंट के साथ विद्यालय के ऐतिहासिक संबंध को संरक्षित करने हेतु स्मृति-शिलाखंड भेंट किए गए
    वर्तमान पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय नसीराबाद शिक्षा एवं उत्कृष्टता की अपनी गौरवशाली यात्रा जारी रखे हुए है